पूर्वांचल में कितने जिले हैं:- भाईयो और बहनों, हमारे उत्तर प्रदेश का पूर्वी कोना Purvanchal Districts से भरा पड़ा है, जो गंगा की गोद में बसा एक ऐसा इलाका है जहां नेपाल, बिहार और मध्य प्रदेश की सीमाएं मिलती हैं। आज 30 दिसंबर 2025 को, जो मंगलवार है, चलिए जानते हैं कि पूर्वांचल में कुल 18 जिले आते हैं, जैसे वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, देवरिया, कुशीनागर, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, अंबेडकर नगर और मऊ। ये जिले कोई आधिकारिक सीमा नहीं रखते, लेकिन आम बोलचाल में पूर्वी यूपी का दिल कहलाते हैं, और नक्शे पर देखो तो गंगा के मैदानी इलाके में फैले हुए दिखते हैं, जहां खेतीबाड़ी और नदियों का जाल बिछा है। वाराणसी को यहां का अनौपचारिक केंद्र माना जाता है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से सबको जोड़ता है।
हमारे पूर्वांचल की Cultural Heritage भोजपुरी और अवधी बोली में ऐसी घुली मिली है कि हर त्योहार, जैसे छठ पूजा, यहां की मिट्टी की खुशबू देता है। विकास के लिहाज से थोड़ा पीछे है ये इलाका, लेकिन Economic Opportunities कृषि, पर्यटन और छोटे उद्योगों में छिपी हैं, जहां गोरखपुर जैसे शहर नए रास्ते खोल रहे हैं। बाढ़ की मार और बेरोजगारी की चुनौतियां तो हैं ही, पर हमारे लोग इतने जुझारू हैं कि हर मुश्किल से लड़कर आगे बढ़ते हैं। कुल मिलाकर, पूर्वांचल यूपी की असली विविधता और अपनापन का प्रतीक है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखता है।
पूर्वांचल में जिलों की संख्या और सूची
भाईयो और बहनों, हमारे यूपी का पूर्वांचल इलाका Districts List को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजन है, क्योंकि इसकी कोई आधिकारिक सीमा नहीं है, लेकिन ज्यादातर विश्वसनीय स्रोतों के मुताबिक यहां कुल 17 जिले आते हैं। आज 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को बात करें तो मुख्य जिले हैं – वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र और संत रविदास नगर (भदोही)। कुछ जगहों पर 18 बताई जाती है, पर ये 17 ही सबसे आम माने जाते हैं, जो वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और देवरिया जैसे मंडलों से बने हैं। ये इलाका गंगा के मैदान में बसा है, जहां की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि चावल और गन्ना की फसलें लहलहाती हैं।

हमारे पूर्वांचल में Agricultural Economy कृषि पर टिकी है, जहां चावल, गन्ना, दालें और सब्जियां प्रमुख हैं, और जनसंख्या घनत्व ज्यादा होने से विकास की बड़ी चुनौतियां हैं जैसे बाढ़ और बेरोजगारी। फिर भी, यहां की Cultural Importance राजनीति और संस्कृति में बहुत अहम है, भोजपुरी-अवधी बोली, छठ-कांवर जैसे त्योहार और वाराणसी जैसे धार्मिक केंद्र सबको जोड़ते हैं। हमारे मेहनती लोग हर मुश्किल से लड़ते हैं, और पर्यटन से नई उम्मीदें जग रही हैं। कुल मिलाकर, पूर्वांचल यूपी की असली ताकत और अपनापन का गढ़ है, जो हमें अपनी जड़ों की याद दिलाता रहता है।
पूर्वांचल की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताएं
भाईयो और बहनों, हमारे पूर्वांचल की Geographical Features ऐसी हैं कि उत्तर में नेपाल की सीमा, पूर्व में बिहार, दक्षिण में मध्य प्रदेश का बघेलखंड और पश्चिम में अवध क्षेत्र से घिरा हुआ है, जो गंगा के उपजाऊ मैदान में बसा है। आज 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को बात करें तो यहां की मिट्टी इतनी समृद्ध है कि चावल, गन्ना और दालें लहलहाती हैं, लेकिन घाघरा, राप्ती और गंगा जैसी नदियां हर साल बाढ़ की मार लाती हैं, जिससे इलाका हरा-भरा तो रहता है पर प्राकृतिक आपदाओं से जूझता भी है। वाराणसी जैसे शहर इसकी भौगोलिक पहचान को और मजबूत बनाते हैं, जहां गंगा की लहरें सबको अपनी ओर खींचती हैं। हमारे लोग इस मिट्टी से जुड़े हैं, मेहनत से खेती करते हैं और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाते हैं।
हमारे पूर्वांचल की Cultural Heritage भोजपुरी लोकगीतों, छठ पूजा की भक्ति और धोबिया नाच जैसे लोक नृत्यों में बसती है, जो हर त्योहार में रौनक लाती है। यहां धार्मिक सहिष्णुता ऐसी है कि मेले-ठेले और रामलीला में सब एक साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं, वाराणसी के घाट विश्व स्तर पर आध्यात्मिक केंद्र बने हुए हैं। हमारे लोग मेहनती और संघर्षशील हैं, अपनी परंपराओं को संजोए रखते हैं, जो यूपी की विविधता को जीवंत बनाती है। कुल मिलाकर, पूर्वांचल हमारी जड़ों का अपनापन और आत्मा है, जो हमें हमेशा जोड़े रखता है।
पूर्वांचल की राजधानी और प्रमुख शहर
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र की अनौपचारिक राजधानी वाराणसी को माना जाता है, जो दुनिया भर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक capital के रूप में प्रसिद्ध है। यह शहर गंगा के किनारे बसा है और काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ-साथ अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। Tourism यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है, और हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। वाराणसी की गलियां और शाम की आरती अद्भुत अनुभव प्रदान करती हैं।
इसके अलावा, गोरखपुर पूर्वांचल का दूसरा प्रमुख शहर है, जहां गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का प्रमुख center है। यह शहर योगी आदित्यनाथ से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। Development के लिहाज से यहां रेलवे और सड़क कनेक्टिविटी अच्छी है, और नेपाल सीमा के करीब होने से व्यापार भी फलता-फूलता है। गोरखपुर की शांत वातावरण और धार्मिक महत्व इसे खास बनाता है।
अन्य महत्वपूर्ण शहरों का योगदान
पूर्वांचल में आजमगढ़, बलिया और जौनपुर जैसे शहर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक heritage के लिए जाने जाते हैं। आजमगढ़ शिक्षा का केंद्र रहा है, जबकि बलिया स्वतंत्रता संग्राम में ‘बागी बलिया’ के नाम से मशहूर है। जौनपुर में अटाला मस्जिद और शाही किला जैसे स्मारक शार्की वास्तुकला की मिसाल हैं। ये cities क्षेत्र की विविधता को दर्शाते हैं।
इन शहरों में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) जैसे संस्थान शिक्षा के उच्च standards प्रदान करते हैं। Campus की भव्यता और शोध कार्य विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। इसके अलावा, मऊ, गाजीपुर और देवरिया जैसे स्थान व्यापार और कृषि से जुड़े हैं। कुल मिलाकर, ये शहर पूर्वांचल की पहचान को मजबूत करते हैं।
पूर्वांचल का नक्शा, Purvanchal Map
पूर्वांचल का सबसे बड़ा जिला और विकास
क्षेत्रफल के हिसाब से सोनभद्र पूर्वांचल का सबसे बड़ा district है, जहां खनिज संसाधन प्रचुर हैं। जनसंख्या में वाराणसी या गोरखपुर आगे हैं। Largest जिले में प्राकृतिक संपदा तो है, लेकिन विकास असमान है। बिजली उत्पादन और खनन यहां प्रमुख हैं।
पूर्वांचल में बाढ़ नियंत्रण और रोजगार सृजन जैसे projects जरूरी हैं। सरकार की योजनाएं जैसे पूर्वांचल विकास निधि से सुधार हो रहा है। Economy को मजबूत करने के लिए पर्यटन और कृषि प्रसंस्करण पर जोर दिया जा रहा है। भविष्य में यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की तरक्की का इंजन बन सकता है।
निष्कर्ष
पूर्वांचल उत्तर प्रदेश का वह हिस्सा है जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध है, लेकिन विकास में अभी लंबा सफर तय करना बाकी है। Region की 17 जिलों की विविधता राज्य को मजबूती देती है, फिर भी बेरोजगारी और बाढ़ जैसी समस्याएं चुनौती हैं। क्या हम इस क्षेत्र को मुख्यधारा में लाकर समग्र विकास सुनिश्चित कर पाएंगे?
वाराणसी जैसे centers से प्रेरणा लेकर पूर्वांचल नई ऊंचाइयों को छू सकता है। Sustainable विकास पर ध्यान देकर यहां की जनता को बेहतर जीवन मिलेगा। अंत में, पूर्वांचल सिर्फ एक क्षेत्र नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जीवंत परंपरा का प्रतीक है, जो हमें एकजुट रहने की सीख देता है।
FAQs
Q.1: पूर्वांचल में कितने जिले हैं
Ans: पूर्वांचल में आमतौर पर 17 जिले आते हैं, हालांकि कुछ परिभाषाओं में 18 या इससे अधिक भी बताए जाते हैं।
Q.2: Purvanchal district in up
Ans: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में मुख्य जिले हैं: वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही।
Q.3: पूर्वांचल में कौन कौन श्रेणियां आती है
Ans: पूर्वांचल मुख्य रूप से भोजपुरी, अवधी और बघेली भाषा-संस्कृति की श्रेणियों में बांटा जाता है। यह पूर्वी अवधी, पश्चिमी भोजपुरी और उत्तरी बघेलखंड क्षेत्रों से मिलकर बनता है।
Q.4: पूर्वांचल की राजधानी
Ans: पूर्वांचल की अनौपचारिक राजधानी वाराणसी को माना जाता है, जो सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र है।
Q.5: Up ke purvanchal mein kitne jile aate hain
Ans: यूपी के पूर्वांचल में 17 जिले आते हैं।
Q.6: Purvanchal bihar
Ans: पूर्वांचल उत्तर प्रदेश का हिस्सा है, लेकिन इसका पूर्वी छोर बिहार से सटा हुआ है। बिहार का पूर्वी भाग भी कभी-कभी भोजपुरी क्षेत्र के रूप में पूर्वांचल से सांस्कृतिक रूप से जुड़ा माना जाता है, लेकिन प्रशासनिक रूप से अलग है।
Q.7: Purvanchal kya hai
Ans: पूर्वांचल उत्तर प्रदेश का पूर्वी भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्र है, जो नेपाल, बिहार और मध्य प्रदेश से घिरा हुआ है। यहां भोजपुरी संस्कृति प्रमुख है।
Q.8: पूर्वांचल का नक्शा
Ans: पूर्वांचल का नक्शा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से को दिखाता है, जिसमें वाराणसी, गोरखपुर आदि जिले शामिल हैं। (ऊपर दिए गए मानचित्र देखें)
Q.9: पूर्वांचल का सबसे बड़ा जिला कौन सा है?
Ans: क्षेत्रफल के हिसाब से सोनभद्र पूर्वांचल का सबसे बड़ा जिला है।
Q.10: पूर्वांचल में कितने जिले हैं?
Ans: पूर्वांचल में 17 जिले हैं।
Q.11: यूपी के पूर्वांचल क्षेत्र में कौन-कौन से शहर आते हैं?
Ans: प्रमुख शहरों में वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, मऊ, देवरिया और कुशीनगर शामिल हैं।
Q.12: पूर्वांचल किसे कहते हैं?
Ans: पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र को कहते हैं, जो सांस्कृतिक और भौगोलिक रूप से अलग पहचान रखता है।
Q.13: पूर्वांचल किसे कहा जाता है?
Ans: पूर्वांचल को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से को कहा जाता है, जिसमें मुख्य रूप से भोजपुरी बोलने वाले जिले आते हैं।
Q.14: यूपी में पूर्वांचल कहां है?
Ans: यूपी में पूर्वांचल राज्य के पूर्वी भाग में है, जो वाराणसी से गोरखपुर तक फैला हुआ है।
Q.15: पूर्वांचल में कौन-कौन से जिले आते हैं?
Ans: वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर और बलिया।
Q.16: क्या गोरखपुर पूर्वांचल के अंतर्गत है?
Ans: हां, गोरखपुर पूर्वांचल का प्रमुख जिला और शहर है।
Q.17: पूर्वांचल में कौन-कौन से शहर आते हैं?
Ans: वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर आदि प्रमुख शहर हैं।












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