Lucknow Kanpur Expressway Green Corridor: भाई लोगों, हमारे उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार ऐसी है कि हर दिन कुछ नया हो रहा है। आज 4 जनवरी 2026 को, जब हम नए साल की शुरुआत में हैं, लखनऊ-कानपुर Expressway Project की बात करें तो ये हमारे लिए गेम चेंजर साबित होने वाला है। 63 किलोमीटर लंबा ये रास्ता, जिसमें 18 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा है, मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, और इससे लखनऊ से कानपुर का सफर सिर्फ 40-45 मिनट में हो जाएगा। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, Green Corridor बनाने के लिए 46 हजार पेड़ लगाए जा रहे हैं, जो हवा को साफ रखेंगे और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद करेंगे। ये प्रोजेक्ट न सिर्फ ट्रैफिक को आसान बनाएगा, बल्कि आसपास के गांवों में रोजगार भी बढ़ाएगा, क्योंकि पौधों की देखभाल और निर्माण में लोकल लोगों को काम मिल रहा है।
अरे यार, ये Budget Allocation भी कमाल की है, कुल 4700 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं ताकि संसाधनों का सही इस्तेमाल हो और विकास पर्यावरण के साथ संतुलित रहे। कटे हुए पेड़ों की भरपाई से ज्यादा पौधरोपण हो रहा है, जो हमारे बच्चों के लिए हरा-भरा यूपी छोड़ जाएगा। ये एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पूरे राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और बिजनेस-इंडस्ट्री बढ़ेगी। कुल मिलाकर, ये पहल हमारे जैसे आम आदमियों के लिए है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाएगी और उत्तर प्रदेश को आधुनिक बनाएगी।
पौधरोपण की विस्तृत योजना करीब 46 Thousand Trees लगाए जा रहे
लखनऊ-कानपुर Expressway Project पर पौधरोपण की योजना सच में कमाल की है, जो इसे असली Green Corridor बना रही है। 63 किलोमीटर के इस रास्ते में ग्रीनफील्ड वाले 45 किलोमीटर हिस्से पर करीब 46 Thousand Trees लगाए जा रहे हैं, यानी प्रति किलोमीटर 1000 से ज्यादा पेड़, जो हवा को साफ करेंगे और सफर को सुहाना बनाएंगे। एनएचएआई और वन विभाग के बीच समझौता हुआ है, जिसमें 7 करोड़ रुपये से मास्टरप्लान तैयार हो रहा है और वन विभाग 5 साल तक पेड़ों की देखभाल करेगा। तेज बढ़ने वाले पेड़ जैसे बांस, पाकड़ और पीपल चुने गए हैं, जो छाया देंगे और जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में मदद करेंगे। ये योजना चरणबद्ध तरीके से चल रही है, ताकि निर्माण के साथ-साथ हरियाली भी बढ़े और हमारे जैसे लोकल लोगों को रोजगार मिले।
अरे वाह, एलिवेटेड हिस्से में भी किनारों पर पेड़ लग रहे हैं, जहां प्रति किलोमीटर 222 पेड़ों की व्यवस्था है, कुल मिलाकर 50 हजार से ज्यादा पेड़ पूरे मार्ग को हरा-भरा कर देंगे। ये डिजाइन ऐसा है कि गाड़ी चलाते हुए प्रकृति का मजा लें, कार्बन उत्सर्जन कम हो और जैव विविधता बढ़े। पर्यावरण विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे प्रयास से यूपी का पर्यावरण मजबूत होगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए तोहफा है। कुल मिलाकर, ये पहल विकास और पर्यावरण का सही संतुलन है, जो हमारे उत्तर प्रदेश को और खूबसूरत बनाएगी।

विभागों की भूमिका और समझौते
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस project को अमली जामा पहनाने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर काम शुरू किया है। दोनों विभागों के बीच एक समझौता हुआ है, जिसमें पौधरोपण से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी साझा की गई है। एनएचएआई funding प्रदान कर रहा है, जबकि वन विभाग कार्यान्वयन की देखरेख करेगा। यह सहयोग मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है, जहां विकास परियोजनाओं में पर्यावरण को प्राथमिकता दी जाए।
कार्यदायी संस्था भी contract के तहत एलीवेटेड हिस्से में पेड़ लगाने का काम संभाल रही है। समझौते में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि पांच साल तक रखरखाव वन विभाग करेगा, ताकि पेड़ मजबूत हो सकें। यह collaboration सुनिश्चित करता है कि योजना समय पर पूरी हो और कोई लापरवाही न बरती जाए। अनुभवी अधिकारियों का मानना है कि ऐसे समझौते से परियोजनाओं की सफलता दर बढ़ती है, जो जनहित में महत्वपूर्ण है।
NHAI Approved Green Corridor Plantation Summary
| Serial No. | Item | Details |
|---|---|---|
| 1 | Total Approved Projects | 1 प्रमुख ग्रीन कॉरिडोर प्लांटेशन प्रोजेक्ट (50 हजार+ पेड़ लगाने की योजना) |
| 2 | Included Districts/Areas | लखनऊ, उन्नाव (मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड और एलीवेटेड सेक्शन) |
| 3 | Total Investment/Budget Amount | 7 करोड़ रुपये (पौधरोपण, सिंचाई और रखरखाव के लिए) |
| 4 | Total Units/Benefits | 50 हजार से ज्यादा पेड़ (प्रति किमी 1000+ पेड़ ग्रीनफील्ड में, 222 एलीवेटेड में) |
| 5 | Lucknow District | ग्रीनफील्ड हिस्से में बड़े पैमाने पर प्लांटेशन, एलीवेटेड रोड किनारे पेड़ |
| 6 | Unnao District | मुख्य 45 किमी ग्रीनफील्ड सेक्शन में 46 हजार पेड़ों का लक्ष्य |
| 7 | Plantation Types | बांस, पाकड़, पीपल जैसे तेज बढ़ने वाले और छाया देने वाले पेड़ |
| 8 | Irrigation & Maintenance | सोलर आधारित सिंचाई सिस्टम, वन विभाग द्वारा 5 साल तक रखरखाव |
| 9 | Collaboration | NHAI और वन विभाग के बीच समझौता, कार्यदायी संस्था का सहयोग |
| 10 | Main Benefits | कार्बन उत्सर्जन कम, जैव विविधता बढ़ेगी, यात्रा सुखद, प्रदूषण नियंत्रण, सतत विकास |
सिंचाई और रखरखाव की व्यवस्था
पेड़ों की देखभाल के लिए उन्नत irrigation सिस्टम लगाया जा रहा है, जिसमें सबमर्सिबल पंप और सोलर पैनल शामिल हैं। पानी की टंकियां जगह-जगह रखी जाएंगी, ताकि सिंचाई आसानी से हो सके। यह व्यवस्था solar ऊर्जा पर आधारित है, जो पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी है। अधिकारियों ने योजना बनाई है कि टैंकरों से पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे पेड़ों की वृद्धि सुनिश्चित होगी।
रखरखाव के लिए maintenance टीम गठित की गई है, जो नियमित रूप से निरीक्षण करेगी। पांच साल की अवधि में कोई भी समस्या आने पर तुरंत समाधान किया जाएगा। यह system ऐसा है कि मौसम की मार से पेड़ों को बचाया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था से पौधरोपण की सफलता 90 प्रतिशत से ज्यादा हो जाती है, जो इस परियोजना को विश्वसनीय बनाती है।
भविष्य के लाभ और प्रभाव Economic Boost मिलेगा
लखनऊ-कानपुर Expressway Project मार्च 2026 तक पूरा होने की कगार पर है, ये Green Corridor यात्रियों को हिल स्टेशन जैसा सुकून देगा, जहां हवा शुद्ध और सफर खुशनुमा होगा। 46 हजार से ज्यादा पेड़ों की हरियाली से प्रदूषण कम होगा, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और जैव विविधता बढ़ेगी, जो जलवायु परिवर्तन से लड़ने में बड़ा रोल अदा करेगी। स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त Economic Boost मिलेगा, क्योंकि तेज कनेक्टिविटी से इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन बढ़ेगा, साथ ही आसपास के गांवों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। ये प्रोजेक्ट न सिर्फ सफर को 40-45 मिनट का कर देगा, बल्कि हवा और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारकर हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा। कुल मिलाकर, ये हरित गलियारा उत्तर प्रदेश की विकास गाथा में मिसाल बनेगा।

अरे यार, लंबे समय में ये पहल सतत विकास का सच्चा उदाहरण होगी, जहां आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ पर्यावरण का मजा लेंगी। आसपास के इलाकों में पक्षी, जानवर और पौधों की विविधता बढ़ेगी, जो पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करेगी। अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए रोल मॉडल बनेंगे, क्योंकि विकास और प्रकृति का ये संतुलन दुर्लभ है। हमारे जैसे आम आदमी के लिए ये मतलब है बेहतर जिंदगी, कम बीमारियां और गर्व की बात कि यूपी आगे बढ़ रहा है। ये Sustainable Development की दिशा में बड़ा कदम है, जो समाज को मजबूत और खुशहाल बनाएगा।
निष्कर्ष
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर हरित गलियारे की यह योजना विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन का बेहतरीन उदाहरण है। सात करोड़ रुपये के budget से चल रही इस initiative से 50 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए जा रहे हैं, जो यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाएंगे। विभागों का सहयोग और उन्नत रखरखाव व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि यह परियोजना लंबे समय तक फलदायी रहे। क्या हम सभी को ऐसे प्रयासों में योगदान देना चाहिए, ताकि हमारी धरती हरी-भरी बनी रहे?
यह project हमें सोचने पर मजबूर करता है कि विकास के नाम पर पर्यावरण की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। सफलता के साथ यह योजना अन्य मार्गों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, जहां sustainable विकास को प्राथमिकता मिले। अंत में, यह पहल उत्तर प्रदेश को एक हरित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देगा।
FAQs
Q.1: Lucknow-Kanpur Expressway opening date
Ans: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे यातायात के लिए खोला जाएगा।
Q.2: Lucknow kanpur expressway route map pdf
Ans: रूट मैप पीडीएफ फॉर्मेट में एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है, जिसमें बनी से आजाद चौक तक का विस्तृत विवरण है।
Q.3: Lucknow kanpur expressway latest news
Ans: हालिया अपडेट के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर हरित गलियारे के लिए 50 हजार पेड़ लगाए जा रहे हैं, और कार्य तेजी से चल रहा है।
Q.4: Lucknow Kanpur Expressway toll charges
Ans: टोल चार्जेस अभी तय नहीं हुए हैं, लेकिन अनुमान है कि यह दूरी और वाहन प्रकार के आधार पर 200 से 500 रुपये तक हो सकता है।
Q.5: Lucknow-Kanpur Expressway contractor
Ans: कार्यदायी संस्था एनएचएआई के साथ मिलकर काम कर रही है, जिसमें प्रमुख कॉन्ट्रैक्टर भारतीय कंपनियां शामिल हैं।
Q.6: Lucknow kanpur expressway time
Ans: एक्सप्रेसवे पूरा होने पर लखनऊ से कानपुर की दूरी मात्र 45 मिनट में तय की जा सकेगी।
Q.7: Lucknow kanpur expressway east end
Ans: एक्सप्रेसवे का पूर्वी छोर लखनऊ के बनी क्षेत्र से शुरू होता है, जो ग्रीन फील्ड हिस्से का हिस्सा है।
Q.8: Lucknow Kanpur Expressway total length
Ans: कुल लंबाई लगभग 63 किलोमीटर है, जिसमें 45 किलोमीटर ग्रीन फील्ड और बाकी एलीवेटेड हिस्सा शामिल है।
Q.9: Lucknow Kanpur Expressway cost
Ans: परियोजना की कुल लागत करीब 4500 करोड़ रुपये है, जिसमें हरित गलियारे के लिए 7 करोड़ अलग से आवंटित हैं।
Q.10: Lucknow Kanpur Expressway benefits
Ans: यह एक्सप्रेसवे यातायात को तेज करेगा, प्रदूषण कम करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।
Q.11: Lucknow Kanpur Expressway environmental impact
Ans: हरित गलियारे से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और जैव विविधता बढ़ेगी, जो पर्यावरण के लिए सकारात्मक है।
Q.12: Lucknow Kanpur Expressway maintenance plan
Ans: वन विभाग पांच साल तक पेड़ों का रखरखाव करेगा, जिसमें सिंचाई और निरीक्षण शामिल है।
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