आरा रिंग रोड अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: 90 नोटिस जारी, निर्माण में आएगी तेजी लागत 406 करोड़!

By Pawan Sharma

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Ara Ring Road Project

Ara Ring Road Project: भाइयो और बहनों, आज 9 जनवरी 2026, शुक्रवार को हम बात कर रहे हैं आरा के उस Ring Road प्रोजेक्ट की, जो हमारे जैसे आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने वाला है। आप जानते ही होंगे कि आरा शहर में ट्रैफिक की कितनी समस्या है, और ये रिंग रोड बनने से गाड़ियां तेज चलेंगी, लेकिन पहले अतिक्रमण की वजह से काम रुका हुआ था। अब प्रशासन ने Encroachment Removal की मुहिम छेड़ी है, जहां 90 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं ताकि अवैध कब्जे हटें और रोड का काम सुचारू रूप से चले। ये कदम हमारे इलाके की तरक्की के लिए जरूरी है, क्योंकि इससे न सिर्फ सफर आसान होगा बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी फायदा उठा सकेंगे, जैसे हमारे उत्तर प्रदेश के पड़ोसी बिहार के भाई-बहन।

दोस्तों, इस Construction Project की कुल लागत 406 करोड़ रुपये है, जो शहर को एक नई रफ्तार देगी और रोजगार के मौके भी बढ़ाएगी। अतिक्रमण हटने से अब निर्माण में तेजी आएगी, मतलब जल्दी ही हम देखेंगे कि ट्रक और बसें बिना रुकावट के दौड़ रही हैं। हमारे जैसे आम आदमी के लिए ये मतलब है कम समय में सफर, कम प्रदूषण और बेहतर कनेक्टिविटी, खासकर उन किसानों के लिए जो बाजार तक माल ले जाते हैं। कुल मिलाकर, ये प्रोजेक्ट हमारे इलाके में विकास की नई लहर लाएगा, और हम सब मिलकर इसका समर्थन करें तो आरा और आसपास के क्षेत्र और चमक उठेंगे।

अतिक्रमण की गंभीर समस्या

आरा शहर की उस Encroachment Problem की, जो हमारे रिंग रोड प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है। आप सब जानते हैं कि धरहरा पुल के पास और बिन टोली जैसे इलाकों में सब्जी वाले भाई, ठेले लगाने वाले और अस्थायी दुकानें सड़क किनारे कब्जा जमाए बैठे हैं, जिससे रोजाना भयंकर ट्रैफिक जाम लगता है। हम जैसे आम लोग घंटों फंसकर रह जाते हैं, समय बर्बाद होता है, ईंधन खर्च होता है और गुस्सा भी आता है। प्रशासन ने अब सख्ती दिखाई है – हाल ही में 90 लोगों को नोटिस देकर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की है, ताकि रिंग रोड का काम तेज हो सके। ये कदम हमारे शहर की तरक्की के लिए जरूरी है, क्योंकि जाम से निजात मिलेगी और आने-जाने में आसानी होगी।

दोस्तों, इस Ara Ring Road Project से आरा को नई जिंदगी मिलने वाली है, लेकिन अतिक्रमण की वजह से देरी हो रही है, जो शहर के विकास को रोक रही है। पार्किंग की कमी और अनियोजित तरीके से दुकानें लगने से ये समस्या और बढ़ी है, खासकर उन किसान भाइयों के लिए जो बाजार तक सब्जी-फल लेकर आते हैं। अगर जल्दी अतिक्रमण नहीं हटा तो पूरा प्रोजेक्ट प्रभावित होगा और आर्थिक नुकसान भी होगा। प्रशासन से गुजारिश है कि ठेले वालों के लिए वैकल्पिक जगह का इंतजाम करें, ताकि उनकी रोजी-रोटी भी चले और हमारा शहर जाम मुक्त हो। हम सब मिलकर इस मुहिम का साथ दें तो आरा बहुत जल्द चमक उठेगा, भाइयो!

प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम

भाइयो और बहनों, आज 9 जनवरी 2026, शुक्रवार को हम बात कर रहे हैं भोजपुर जिला प्रशासन के उन सख्त Administrative Actions की, जो आरा Ring Road को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देश पर 90 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जो बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम के तहत हैं, खासकर धरहरा पुल और बिन टोली जैसे इलाकों में। ये कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से हो रही है, पुलिस की मदद से शांतिपूर्ण ढंग से कब्जे हटाए जाएंगे, ताकि अगर कोई स्वेच्छा से नहीं हटाता तो भी काम रुके नहीं। अंचल अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं, और प्रशासन ने साफ कह दिया है कि कोई अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा। हम जैसे आम लोग जानते हैं कि ये कदम शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और निर्माण को तेज करने के लिए जरूरी हैं।

दोस्तों, इस Encroachment Removal मुहिम में आम नागरिकों से भी सहयोग मांगा गया है, ताकि आरा का विकास बिना रुकावट के हो सके। इंस्पेक्शन के दौरान मिले उल्लंघनों पर तुरंत एक्शन लिया जा रहा है, जिससे प्रोजेक्ट की समय सीमा बनी रहेगी और हम जल्दी ही नई रिंग रोड पर गाड़ियां दौड़ते देखेंगे। हमारे ठेले वाले, दुकानदार भाइयों से अपील है कि वैकल्पिक जगहों का इस्तेमाल करें, क्योंकि ये सब हमारे शहर की भलाई के लिए है। प्रशासन का ये प्रयास सराहनीय है, और अगर हम सब साथ दें तो आरा बहुत जल्द ट्रैफिक जाम से मुक्त होकर चमक उठेगा, भाइयो!

प्रभावित क्षेत्र और व्यक्ति करीब 90 Affected Persons

आरा के उन इलाकों की, जहां Encroachment ने सबसे ज्यादा परेशानी खड़ी की है। धरहरा पुल के आसपास और बिन टोली जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां रोजाना ट्रैफिक जाम की वजह से हम जैसे आम लोग घंटों फंसकर रह जाते हैं। यहां रामलाल चौधरी, महेंद्र चौधरी जैसे कई स्थानीय भाई-बहन नोटिस पा चुके हैं, क्योंकि उनकी अस्थायी दुकानें और ठेले सड़क की जमीन पर लगे हैं। प्रशासन ने करीब 90 Affected Persons की सूची तैयार की है, ज्यादातर छोटे व्यापारी, सब्जी-फल बेचने वाले और ठेले वाले, जिनकी रोजी-रोटी इन जगहों पर टिकी है। ये समस्या न सिर्फ ट्रैफिक बिगाड़ रही है, बल्कि स्थानीय बाजार और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रही है।

दोस्तों, अगर ये Ring Road का काम बिना रुकावट के चलेगा तो धरहरा पुल और बिन टोली में यातायात बहुत आसान हो जाएगा, और हम सबको कम समय में बाजार आने-जाने का फायदा मिलेगा। लेकिन हमारे उन भाइयों का क्या, जो सालों से इन ठेलों-दुकानों से परिवार चलाते हैं? प्रशासन से गुजारिश है कि इन प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक जगह का इंतजाम जरूर करें, जैसे बाजार के पास कोई पार्किंग या हाट जैसी व्यवस्था। अगर हम सब मिलकर सहयोग करें – प्रभावित भाई थोड़ा समझदारी दिखाएं और प्रशासन वैकल्पिक रास्ता दे – तो आरा का विकास भी होगा और किसी की Livelihood भी नहीं छूटेगी। हमारा शहर जाम मुक्त और सबके लिए खुशहाल बने, यही तो हमारी कामना है!

वैकल्पिक समाधान और भविष्य की योजनाएं

भाइयो और बहनों, आज 9 जनवरी 2026, शुक्रवार को हम बात कर रहे हैं Ara Ring Road Project के उन वैकल्पिक समाधानों की, जो प्रशासन ने मानवीय तरीके से सोचे हैं। हमारे छोटे व्यापारी और ठेले वाले भाइयों की Livelihood को ध्यान में रखते हुए, जिलाधिकारी के निर्देश पर धरहरा पुल और आसपास के सब्जी विक्रेताओं को चिह्नित Vending Zones में शिफ्ट करने की योजना है, ताकि उनका कारोबार चलता रहे और सड़कें भी खाली हो जाएं। ये वैकल्पिक व्यवस्था से अतिक्रमण हटेगा, निर्माण तेज होगा और जाम की समस्या से निजात मिलेगी। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी की रोजी-रोटी नहीं छीनेगी, बल्कि बेहतर जगह देकर सबकी मदद की जाएगी। हम सबको इस मुहिम का साथ देना चाहिए, क्योंकि ये हमारे शहर की तरक्की और सबके फायदे के लिए है।

दोस्तों, रिंग रोड पूरा होने पर आरा में ट्रैफिक मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव आएगा, शहर जाम मुक्त हो जाएगा और सफर आसान बनेगा। भविष्य की योजनाओं में चरणबद्ध तरीके से पूरे इलाके को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ-साथ बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार के नए मौके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का इरादा है। प्रशासन वैकल्पिक वेंडिंग जोन जल्द बनवाने पर जोर दे रहा है, ताकि हमारे ठेले वाले भाई आराम से बिजनेस कर सकें। कुल मिलाकर, ये प्रोजेक्ट आरा को नई रफ्तार देगा, और हम सब मिलकर सहयोग करें तो हमारा शहर बहुत जल्द चमकदार और सुविधाजनक बन जाएगा, भाइयो!

निष्कर्ष

आरा ring road परियोजना शहर के यातायात को सुधारने का एक सुनहरा अवसर है, लेकिन encroachment जैसी चुनौतियां इसे प्रभावित कर रही हैं। प्रशासन की सख्त कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्थाओं से उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा। यह project न केवल traffic को कम करेगा, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। पाठकों को सोचना चाहिए कि शहर के बेहतर भविष्य के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है।

इस campaign से सीख मिलती है कि विकास और मानवीयता का संतुलन जरूरी है। administration की यह पहल ट्रस्टवर्थी है और आने वाले समय में आरा को एक मॉडल शहर बना सकती है। क्या हम सभी मिलकर ऐसे प्रयासों का समर्थन करेंगे, ताकि हमारा शहर और अधिक sustainable बने?

FAQs


Q.1:- आरा रिंग रोड परियोजना की कुल लंबाई क्या है?
Ans:- आरा रिंग रोड की कुल लंबाई लगभग 12 किलोमीटर है, जो चार लेन वाली होगी और शहर के चारों ओर बनेगी।

Q.2:- अतिक्रमण हटाने के लिए कितने लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं?
Ans:- प्रशासन ने 90 से अधिक अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए हैं, जो स्वेच्छा से कब्जा हटाने का निर्देश देते हैं।

Q.3:- यह कार्रवाई किस अधिनियम के तहत की जा रही है?
Ans:- यह कार्रवाई बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 की धारा तीन के तहत की जा रही है।

Q.4:- धरहरा पुल के पास अतिक्रमण क्यों अधिक है?
Ans:- धरहरा पुल के पास सब्जी विक्रेता और ठेले वालों के कारण अतिक्रमण अधिक है, जो जाम का मुख्य कारण बन रहा है।

Q.5:- यदि नोटिस की अवधि में कब्जा नहीं हटाया गया तो क्या होगा?
Ans:- यदि समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।

Q.6:- प्रभावित विक्रेताओं के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है?
Ans:- प्रभावित विक्रेताओं को वेंडिंग जोन में स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो।

Q.7:- रिंग रोड से कितने वाहनों को फायदा होगा?
Ans:- रिंग रोड से रोजाना लगभग 50,000 वाहनों को शहर से बाहर रखा जा सकेगा, जिससे जाम कम होगा।

Q.8:- परियोजना किस योजना के तहत आती है?
Ans:- यह परियोजना भारतमाला परियोजना के तहत विकसित की जा रही है, जो आर्थिक गलियारों पर केंद्रित है।

Q.9:- अतिक्रमण हटाने में पुलिस की भूमिका क्या है?
Ans:- पुलिस अभियान के दौरान तैनात रहेगी, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

Q.10:- रिंग रोड पूरा होने से शहर को क्या लाभ होगा?
Ans:- रिंग रोड पूरा होने से यातायात सुगम होगा, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और शहर का विकास तेज होगा।

Q.11:- बिन टोली क्षेत्र में क्या समस्या है?
Ans:- बिन टोली में सड़क की जमीन पर अवैध कब्जा होने से आने-जाने में परेशानी हो रही है।

Q.12:- जिलाधिकारी का इस पर क्या निर्देश है?
Ans:- जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि रिंग रोड पर किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आपके प्रश्नों के जवाब (9 जनवरी 2026 तक की लेटेस्ट जानकारी के आधार पर):

  1. Ara ring road map pdf download
    आरा रिंग रोड (भोजपुर) का अलग से डिटेल्ड map PDF अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, क्योंकि यह NH-119A (पटना-अरrah-सासाराम एक्सप्रेसवे) का हिस्सा है और मुख्य रूप से greenfield bypass के रूप में बन रहा है। आप NH-119A के alignment PDF को forestsclearance.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं, जिसमें आरा बाईपास का रूट दिखाया गया है:
  2. Ara ring road map bhojpur
    आरा रिंग रोड भोजपुर जिले में NH-119A का bypass हिस्सा है, जो शहर को ट्रैफिक जाम से राहत देगा। रूट मुख्य रूप से धरहरा पुल, चंदवा, असनी, बामपाली और आसपास के क्षेत्रों से गुजरता है। यह पटना रिंग रोड से जुड़ता है और आरा शहर को बाहर से बाईपास करता है।
  3. Ara ring road map pdf
    उपरोक्त लिंक से NH-119A alignment options PDF डाउनलोड करें, जिसमें आरा रिंग रोड/बाईपास का map शामिल है। भोजपुर जिला वेबसाइट (bhojpur.nic.in) पर भी सामान्य डिस्ट्रिक्ट मैप उपलब्ध है, लेकिन स्पेसिफिक रिंग रोड के लिए NHAI/forest clearance डॉक्यूमेंट सबसे सटीक हैं।
  4. Ara ring road map download
    आरा रिंग रोड का map NH-119A प्रोजेक्ट के साथ जुड़ा है। डाउनलोड के लिए ऊपर दिया गया forestsclearance लिंक इस्तेमाल करें या NHAI की साइट चेक करें। निर्माण चल रहा है, इसलिए फाइनल मैप में छोटे बदलाव संभव हैं।
  5. NH-119A Route map pdf download
    NH-119A (पटना-अरrah-सासाराम) का route map PDF यहां से डाउनलोड करें:
    यह सदीसोपुर (पटना) से सुारा (सासाराम के पास) तक का डिटेल्ड alignment दिखाता है।
  6. Patna Ara Sasaram Greenfield Expressway
    यह NH-119A है – 120 किमी लंबा 4-लेन access controlled greenfield और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर। लागत ₹3,712 करोड़, HAM मोड पर बन रहा है। सदिसोपुर (पटना रिंग रोड NH-131G) से शुरू होकर गरहनी, आरा बाईपास और सुारा (सासाराम के पास NH-19) तक जाता है। पूरा होने पर पटना से सासाराम का समय 3-4 घंटे से घटकर 2 घंटे से कम हो जाएगा।
  7. NH-119A Latest News Today
    जनवरी 2026 तक: मार्च 2025 में कैबिनेट अप्रूवल, मई 2025 में PM मोदी ने फाउंडेशन स्टोन रखा। पैकेज-1 और 2 के टेंडर अवार्ड हो चुके हैं, लेकिन पैकेज-2 में ओमान की कंपनी का टेंडर नवंबर 2025 में कैंसल हुआ (सिक्योरिटी क्लियरेंस की वजह से) – नया टेंडर जल्द आएगा। निर्माण चल रहा है, पूरा होने की डेडलाइन 2028 है, लेकिन थोड़ी देरी संभव।
  8. Patna Sasaram Expressway Route Map pdf
    उपरोक्त NH-119A alignment PDF ही पटना-सासाराम एक्सप्रेसवे का रूट मैप है। डाउनलोड लिंक:
    रूट: पटना (सदीसोपुर) → आरा बाईपास → गरहनी → सासाराम (सुआरा)।

अगर और डिटेल चाहिए या कोई स्पेसिफिक हिस्सा, तो बताएं!

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Pawan Sharma

About the Author – Mr. Pawan Sharma Mr. Pawan Sharma is a seasoned professional in the field of construction and urban infrastructure, with over 10 years of hands-on experience in planning, designing, and executing various construction projects across India. His expertise spans highways, expressways, metro systems, railways, ropeways, smart city development, and practical engineering solutions. Education and Professional Background Mr. Sharma holds a Master’s degree in Construction Work, providing him with a strong technical foundation and deep understanding of modern construction methods. Over the years, he has contributed to multiple high-profile infrastructure projects, ensuring quality, safety, and timely execution. His academic and professional experience allows him to analyze projects from both technical and practical perspectives, making complex infrastructure information easy to understand for readers. Contribution to urboncunstuctions.co.in As the founder and lead author of urboncunstuctions.co.in, Mr. Sharma is dedicated to creating highly realistic content and practical tools to support engineers, contractors, students, and construction enthusiasts. He designs user-friendly engineering calculators, estimation tools, and project guides that help professionals reduce errors, save time, and make informed decisions on-site. His mission is to bridge the gap between technical knowledge and practical application, providing readers with clear, actionable, and trustworthy information about India’s urban construction and infrastructure developments. Philosophy Mr. Sharma believes that accurate information and practical tools empower engineers and construction professionals to perform better and contribute to India’s infrastructure growth. Through urboncunstuctions.co.in, he aims to make infrastructure updates and engineering solutions accessible, understandable, and reliable for all readers.

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