Ganga Expressway land demarcation: भाइयों और बहनों, हमारे उत्तर प्रदेश में Ganga Expressway का काम जोरों पर चल रहा है, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर फैला हुआ है और 12 जिलों को जोड़कर यात्रा का समय आधा कर देगा। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे, क्योंकि ये प्रोजेक्ट राज्य की आर्थिक तरक्की को नई रफ्तार देगा। आज 3 जनवरी 2026, शनिवार को मिली अपडेट्स के मुताबिक, कुल 37,350 करोड़ की लागत से बन रहा ये एक्सप्रेसवे जनवरी 2026 तक खुलने वाला है, जिसमें हापुड़-किठौर रोड पर इंटरचेंज का निर्माण यातायात को और आसान बनाएगा। स्थानीय लोगों के लिए ये एक बड़ा तोहफा है, जो हमारे गांवों और शहरों को आपस में करीब लाएगा।
दोस्तों, Land Demarcation की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान दिया है, जहां 9,500 करोड़ की भूमि अधिग्रहण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे कोई विवाद नहीं होगा और सबका विश्वास बढ़ेगा, क्योंकि सरकारी एजेंसियां समय पर काम पूरा करने में जुटी हैं। Infrastructure Development के इस बड़े कदम से हमारे इलाकों में विकास की नई लहर आएगी, जो रोजगार पैदा करेगी और जीवन स्तर ऊंचा करेगी। अपनापन महसूस होता है जब देखते हैं कि ये प्रोजेक्ट हमारे जैसे आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बन रहा है।
इंटरचेंज निर्माण: स्थानीय मांगों का सम्मान
भाइयों-बहनों, Interchange Construction की बात करें तो हापुड़-किठौर मार्ग को Ganga Expressway से जोड़ने के लिए नया इंटरचेंज बनाने का फैसला हमारे इलाके के लोगों की सालों पुरानी मांग पर आधारित है, जो अटौला और सफियाबाद लौटी गांवों की सीमा पर तैयार हो रहा है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को बहुत सुविधा होगी, खासकर दैनिक यात्रा करने वालों के लिए, क्योंकि अब अंडरपास की बजाय सीधा कनेक्शन मिलेगा। आज 3 जनवरी 2026, शनिवार को अपडेट्स बताते हैं कि यूपीडा ने अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पर्यावरण का ख्याल रखते हुए काम हो रहा है, ताकि हमारे गांवों की हरियाली और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर कोई बुरा असर न पड़े।
दोस्तों, Local Demands का पूरा सम्मान करते हुए सरकारी अफसर किसानों से सीधे बातचीत कर रहे हैं, उनकी चिंताओं को सुनकर समाधान निकाल रहे हैं, जिससे विश्वास मजबूत हो रहा है। इस इंटरचेंज का डिजाइन आधुनिक और सुरक्षित है, जो ट्रैफिक को तेज और सुरक्षित बनाएगा, साथ ही क्षेत्र में व्यापार-रोजगार के नए मौके लाएगा। Farmers Participation सुनिश्चित करने से कोई विवाद नहीं रहेगा और विकास सबके लिए होगा। अपनापन यही तो है कि सरकार हमारी आवाज सुन रही है, जिससे हमारे गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और जीवन आसान बनेगा।

UPEIDA Approved Ganga Expressway Hapur-Kithore Interchange Demarcation Summary
Ganga Expressway Hapur-Kithore Interchange Land Demarcation Update 2026: UPEIDA Forms Joint Team for Farmers’ Concerns UPEIDA ने गंगा एक्सप्रेसवे पर हापुड़-किठौर इंटरचेंज के लिए land demarcation शुरू करने की तैयारी की है, जिसमें 2 गांवों (अटौला और साफियाबाद लौटी) में 30,307 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहण शामिल है, किसानों की मांग पर संयुक्त टीम गठित की गई है।
| Serial No. | Item | Details |
|---|---|---|
| 1 | Total Approved Projects | 1 Additional Interchange (Hapur-Kithore connection on Ganga Expressway) |
| 2 | Included Districts/Areas | Meerut (focus on Hapur-Kithore route villages) |
| 3 | Total Investment/Budget Amount | Approx ₹10.18 crore (for additional land acquisition) |
| 4 | Total Units/Benefits | 30,307 sqm land for 1 interchange benefiting local connectivity |
| 5 | Meerut | Primary district; Ataula and Safiyabad Loti villages affected |
| 6 | Hapur-Kithore Route | Key connection point; underpass to be upgraded to interchange |
| 7 | Ataula Village | Joint boundary with Safiyabad Loti; farmers demand prior demarcation |
| 8 | Safiyabad Loti Village | 18 khasra numbers affected in Ataula; land needed for interchange |
| 9 | Overall Ganga Expressway Phase 1 | 594 km, 12 districts, 518+ villages, 93-99% progress as of late 2025 |
| 10 | Main Benefits | Improved local traffic, trade boost, employment opportunities, reduced travel time, transparent demarcation process for farmers’ trust |
किसानों की चुनौतियां: जमीन अधिग्रहण में पारदर्शिता की मांग
भाइयों-बहनों, Ganga Expressway के काम में किसान भाई बहुत सतर्क हैं, खासकर Land Acquisition की बात पर, क्योंकि जमीन उनकी जिंदगी का आधार है और वे चाहते हैं कि Demarcation पहले साफ-साफ हो जाए ताकि कौन सी जमीन ली जा रही है, ये सबको पता चले। अटौला गांव के किसानों ने साफ कहा है कि बिना सही सीमांकन के वे अपनी जमीन नहीं देंगे, जो उनकी पुरानी चिंताओं और पिछले प्रोजेक्ट्स में हुई अस्पष्टता से उपजी है। आज 3 जनवरी 2026, शनिवार को अपडेट्स बताते हैं कि यूपीडा ने 94% से ज्यादा जमीन अधिग्रहण कर ली है, लेकिन हापुड़-किठौर इलाके में कुछ गांवों में किसान अभी भी पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ये मांग बिलकुल जायज है, क्योंकि इससे विश्वास बना रहता है और कोई विवाद नहीं होता।
दोस्तों, सरकार इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से ले रही है और Farmers Negotiation को तेज किया जा रहा है, जहां किसानों को उचित Compensation समय पर देने का आश्वासन दिया जा रहा है। इंस्पेक्शन टीम बनाई गई है जो जमीन का सही आकलन कर रही है, ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे और किसानों का हक सुरक्षित हो। अपनापन यही है कि सरकार अब किसानों से सीधे बात कर रही है, उनकी चिंताओं को सुन रही है, जिससे प्रोजेक्ट आगे बढ़े और हमारे इलाके का विकास हो, लेकिन किसी की जमीन पर अन्याय न हो। कुल मिलाकर, ये कदम सबके हित में हैं और उम्मीद है कि जल्द सब सहमत होकर काम पूरा होगा।

प्रशासनिक प्रयास: संयुक्त टीम का गठन और कार्ययोजना
Ganga Expressway के Demarcation काम को और मजबूत बनाने के लिए UPEIDA ने एक संयुक्त टीम का गठन किया है, जिसमें लखनऊ से स्पेशल अधिकारी, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के लोग शामिल हैं। ये टीम किसानों से मिलकर उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाएगी, ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे और कोई शक न बचे। आज 3 जनवरी 2026, शनिवार को अपडेट्स के मुताबिक, जनवरी के पहले हफ्ते में ही ये टीम काम शुरू कर रही है, जिससे प्रोजेक्ट की रफ्तार और बढ़ेगी। हमारे इलाके के किसानों की चिंताओं को सुनना और उन्हें साथ लेकर चलना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि विकास सबके लिए हो।
दोस्तों, इस Joint Team में आईआरबी इंफ्रा और एलएनटी जैसी कंपनियां भी शामिल हैं, जो तकनीकी हिस्से को मजबूत रखेंगी और समय पर काम पूरा करने का वादा निभाएंगी। Coordination के जरिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे विवाद कम होंगे और प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता बढ़ेगी। अपनापन यही महसूस होता है जब देखते हैं कि प्रशासन जनहित और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इतने गंभीर प्रयास कर रहा है। कुल मिलाकर, ये कदम हमारे उत्तर प्रदेश को और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर देगा, जहां किसान भी खुश होंगे और प्रगति रुकेगी नहीं।
Ganga Expressway Route Map
परियोजना की प्रगति: पूर्णता की ओर बढ़ते कदम
गंगा एक्सप्रेसवे का पहला पैकेज मेरठ से बदायूं तक पूरा हो चुका है, जो construction की गुणवत्ता दर्शाता है। अब फोकस अतिरिक्त interchange पर है, जो स्थानीय यातायात को आसान बनाएगा। progress रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुल परियोजना 93 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, और 2026 की शुरुआत में उद्घाटन संभव है। यह उपलब्धि राज्य की infrastructure क्षमता को उजागर करती है।
भविष्य में, phase 2 का विस्तार हरिद्वार और बलिया तक होगा, जो एक्सप्रेसवे को और लंबा बनाएगा। maintenance और सुरक्षा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। budget प्रबंधन प्रभावी रहा है, जिससे संसाधनों का सही उपयोग हो सका। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति प्रदान करेगी।
निष्कर्ष
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की एक महत्वपूर्ण milestone है, जो कनेक्टिविटी और आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देगा। demarcation जैसे मुद्दों का समाधान पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, जो किसानों और सरकार के बीच विश्वास मजबूत करेगा। यह project न केवल यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा करेगा। क्या हम ऐसी परियोजनाओं से राज्य को वैश्विक स्तर पर ले जा सकते हैं? यह सोचने का समय है।
इस initiative से सीखते हुए, भविष्य की योजनाओं में जन भागीदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। sustainable विकास का मॉडल अपनाकर, हम पर्यावरण और समाज के बीच संतुलन बना सकते हैं। अंत में, गंगा एक्सप्रेसवे जैसी infrastructure परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करेंगी, लेकिन सफलता सबकी भागीदारी पर निर्भर है।
FAQs
Q.1:- Where does Ganga Expressway start and end?
Ans:- Ganga Expressway starts from Bijauli village in Meerut district near NH-334 and ends at Judapur Dandu village in Prayagraj district.
Q.2:- Who is the main contractor of Ganga Expressway?
Ans:- The main contractors are IRB Infrastructure for the first group (Meerut to Budaun) and Adani Enterprises for the remaining groups (Budaun to Prayagraj).
Q.3:- What is the part 2 of Ganga Expressway?
Ans:- Phase 2 of Ganga Expressway involves extensions: 110 km to Tigri near Haridwar and 314 km to Ballia near Varanasi, making the total length over 1000 km.
Q.4:- गंगा एक्सप्रेसवे कहां से शुरू और खत्म होता है?
Ans:- गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ जिले के बिजौली गांव से शुरू होता है और प्रयागराज जिले के जुडापुर दंदू गांव पर खत्म होता है।
Q.5:- गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य ठेकेदार कौन है?
Ans:- मुख्य ठेकेदार आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर पहले हिस्से के लिए और अदाणी एंटरप्राइजेज बाकी हिस्सों के लिए हैं।
Q.6:- Ganga expressway land demarcation update
Ans:- As of January 2026, land demarcation for the Hapur-Kithore interchange is scheduled for the first week of January, with a joint team from UPEIDA and other agencies addressing farmers’ concerns in Ataula and Safiyabad Loti villages.
Q.7:- Ganga expressway land demarcation pdf
Ans:- Official PDFs for land demarcation details can be found on the UPEIDA website or government portals, such as alignment maps and DPR documents outlining the process for affected areas.
Q.8:- Ganga expressway land demarcation phase 2
Ans:- In Phase 2, land demarcation is planned for extensions to Haridwar and Ballia, focusing on tehsils like Karchana, Handia in Prayagraj, and others in Bhadohi, with ongoing acquisition processes.
Q.9:- Ganga Expressway village list
Ans:- The expressway passes through villages like Bijauli (Meerut), Chandner (Hapur), Mirzapur Dungal (Amroha), Nagla Baraha (Budaun), and many others across 12 districts, covering 519 villages in total.
Q.10:- Ganga Expressway entry exit points
Ans:- Entry and exit points include diamond interchanges at NH-24 (Hapur-Garhmukteshwar), SH-65 (Bulandshahr-Garhmukteshwar), MDR-162W (Hasanpur-Anupshahar), and others, with toll booths at major intersections.
Q.11:- What is the current progress of Ganga Expressway?
Ans:- As of December 2025, the project is 93% complete, with the first stretch possibly opening before Magh Mela 2026 and full operations by March 2026.
Q.12:- How will Ganga Expressway impact local economy?
Ans:- It will boost trade, tourism, and employment by reducing travel time between Meerut and Prayagraj, connecting 12 districts and enhancing real estate development.
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