मेघालय-असम उमियम-सिलचर एक्सप्रेस हाईवे: निर्माण और लाभ की पूरी जानकारी, लागत लगभग ₹22,864 करोड़ रुपये!

By Pawan Sharma

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Guwahati Silchar Expressway Highway

मेघालय-असम के बीच नया एक्सप्रेस हाईवे: कनेक्टिविटी 2026 में अपडेट

Guwahati Silchar Expressway Highway: भाई, आज 2 जनवरी 2026, शुक्रवार है, और पूर्वोत्तर भारत में हो रही तरक्की की बातें सुनकर मन खुश हो जाता है, जैसे हमारे उत्तर प्रदेश के गांवों में नई सड़कें बनने से जिंदगी आसान हो जाती है। ये Express Highway उमियम से सिलचर तक बन रहा है, जो मेघालय और असम को जोड़ते हुए 166.8 किलोमीटर की दूरी तय करेगा, और इसमें से ज्यादातर हिस्सा, यानी 85 प्रतिशत, मेघालय में पड़ता है। केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 में इसे मंजूरी दी है, और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जिससे पर्यावरण क्लीयरेंस भी जल्द मिलने की उम्मीद है। ये प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर चल रहा है, जहां सरकारी और निजी निवेश का अच्छा तालमेल है, और कुल लागत करीब 22,864 करोड़ रुपये है, जो क्षेत्र की Infrastructure Development को मजबूत बनाएगा।

अरे यार, सोचो तो, ये हाईवे बनने से शिलांग और सिलचर के बीच सफर का समय आधा हो जाएगा, जैसे हमारे यहां लखनऊ से दिल्ली जाना आसान हो गया है, और इससे व्यापार, पर्यटन सब बढ़ेगा। निर्माण शुरू होने के बाद 48 महीनों में, यानी 2029-30 तक पूरा होने का लक्ष्य है, जो पूर्वोत्तर के लोगों की जिंदगी में नई रफ्तार लाएगा। ना सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों से कनेक्टिविटी बेहतर होने से रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे, और पर्यटक जगहों तक पहुंच आसान हो जाएगी। कुल मिलाकर, ये प्रोजेक्ट हमारे पूरे देश की Economic Growth को सपोर्ट करेगा, जैसे परिवार में सब मिलकर आगे बढ़ते हैं।

भूमि अधिग्रहण और योजना land acquisition

भाई, आप जानते ही होंगे कि पूर्वोत्तर में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए उमियम-सिलचर एक्सप्रेस हाईवे जैसी परियोजनाएं कितनी जरूरी हैं। इस हाईवे के लिए कुल 166 किलोमीटर भूमि चाहिए, जिसमें से 85 प्रतिशत मेघालय में पड़ेगी और बाकी 15 प्रतिशत असम में। असम में तो Land Acquisition की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि मेघालय में हिल काउंसिल के नियमों के तहत यह काम होगा, ताकि स्थानीय लोगों की जमीन और हक का पूरा खयाल रखा जाए। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है, जिससे कोई विवाद न हो और सबके हित सुरक्षित रहें, जैसे हमारे यहां गांवों में जमीन के मामले सुलझाए जाते हैं। इससे न सिर्फ रोड बनेगा, बल्कि आसपास के लोगों को फायदा भी मिलेगा।

अब बात करते हैं योजना की, जहां सब कुछ सोच-समझकर किया जा रहा है। Environmental Clearance अगले चार-पांच हफ्तों में मिलने की उम्मीद है, उसके बाद फरवरी के आखिर तक टेंडर निकाल दिए जाएंगे। NHIDCL ने प्लानिंग में सभी हितधारकों से सलाह ली है, ताकि काम सुचारू चले और कोई अड़चन न आए। यह सब Sustainable Development को ध्यान में रखकर हो रहा है, जिससे पर्यावरण का भी खयाल रखा जाए और स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए मौके मिलें। कुल मिलाकर, यह हाईवे 48 महीनों में बनकर तैयार होगा, जो पूर्वोत्तर के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा, जैसे हमारे यूपी में एक्सप्रेसवे ने जीवन आसान किया है।

लागत और समयसीमा 22,864 करोड़ रुपये

भाई, इस उमियम-सिलचर एक्सप्रेस हाईवे की कुल अनुमानित लागत 22,864 करोड़ रुपये है, जो केंद्र सरकार की कैबिनेट कमिटी ने मंजूर कर दी है। यह पैसा Hybrid Annuity Mode के तहत खर्च होगा, जिसमें सरकार और निजी कंपनी मिलकर काम करेंगी – सरकार 40 प्रतिशत देगी और बाकी निर्माण के दौरान मिलेगा, जिससे बजट का सही इस्तेमाल हो और रोड की क्वालिटी अच्छी बने। बनने के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी मॉडल से निभाई जाएगी, ताकि सालों-साल रोड मजबूत रहे। हमारे यूपी की तरह यहां भी यह प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर के लोगों के लिए बड़ा फायदा लेकर आएगा, जहां ट्रक और गाड़ियां आसानी से चलेंगी और माल ढोना सस्ता पड़ेगा।

Guwahati Silchar Expressway Highway

अब समयसीमा की बात करें तो निर्माण शुरू होने के ठीक 48 महीने यानी चार साल में यह हाईवे पूरा हो जाएगा, जो क्षेत्र के विकास का मील का पत्थर बनेगा। पर्यावरण और बाकी मंजूरियां मिलने के बाद काम तेज हो जाएगा, और हाल ही में असम व मेघालय में जमीन अधिग्रहण भी शुरू हो चुका है। इससे पूर्वोत्तर में Economic Growth को रफ्तार मिलेगी, यातायात की पुरानी समस्याएं कम होंगी और स्थानीय लोगों को ढेर सारे रोजगार मिलेंगे। जैसे हमारे यहां लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे ने सबकी जिंदगी आसान की, वैसे ही यह हाईवे शिलांग से सिलचर का सफर सिर्फ चार घंटे का कर देगा।

मार्ग और कनेक्टिविटी 166.80 किलोमीटर लंबा

भाई, यह उमियम-सिलचर एक्सप्रेस हाईवे कुल 166.80 किलोमीटर लंबा होगा, जो मेघालय के शिलांग के पास मावलिंगखुंग से शुरू होकर असम के सिलचर के पास पंचग्राम तक जाएगा। इसमें से 144.80 किलोमीटर मेघालय में पड़ेगा, जो री-भोई, ईस्ट खासी हिल्स, वेस्ट जैंतिया हिल्स और ईस्ट जैंतिया हिल्स जिलों से गुजरेगा, जबकि बाकी 22 किलोमीटर असम के काचार जिले में होगा। यह नेशनल हाईवे-06 का हिस्सा बनेगा और पहाड़ी इलाके में हाई-स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें कई बड़े-छोटे पुल भी बनेंगे। जैसे हमारे यूपी में गांवों को जोड़ने वाली सड़कें जीवन बदल देती हैं, वैसे ही यह रूट पूर्वोत्तर के लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा।

अब कनेक्टिविटी की बात करें तो यह हाईवे गुवाहाटी से सिलचर का सफर आसान और तेज बनाएगा, साथ ही त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और बराक वैली तक पहुंच बेहतर करेगा। यह अन्य हाईवे जैसे NH-27, NH-106, NH-206 और NH-37 से जुड़ेगा, जिससे पूरे क्षेत्र की Connectivity मजबूत होगी और माल ढोना सस्ता पड़ेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि शिलांग, चेरापूंजी जैसे खूबसूरत जगहों तक टूरिस्ट आसानी से पहुंच सकेंगे, और स्थानीय उद्योगों जैसे सीमेंट-कोयला वाले इलाकों को बड़ा बाजार मिलेगा। कुल मिलाकर, यह पूर्वोत्तर की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा, जैसे हमारे यहां दिल्ली-लखनऊ एक्सप्रेसवे ने सबकी जिंदगी बदल दी।

Guwahati Silchar Expressway Route Map

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

यह project पूर्वोत्तर भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, क्योंकि इससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा। मेघालय के सीमेंट और कोयला उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे, जबकि पर्यटन में वृद्धि से रोजगार बढ़ेगा। यह infrastructure विकास पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अनुरूप है, जो क्षेत्रीय असमानता को कम करेगा।
सामाजिक रूप से, यह Umiam Silchar Express Highway स्थानीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास सुनिश्चित करने से sustainable growth होगी। कुल मिलाकर, यह परियोजना पूर्वोत्तर के लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएगी, और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगी।

निष्कर्ष

यह expressway पूर्वोत्तर भारत के लिए एक क्रांतिकारी कदम है, जो कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था और विकास को नई दिशा देगा। मेघालय और असम के बीच यह project न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन करेगा। केंद्र सरकार की इस पहल से पीएम गति शक्ति योजना का लक्ष्य साकार होगा, जो infrastructure पर जोर देती है।
क्या हम इस तरह के विकास से क्षेत्रीय असमानता को खत्म कर पाएंगे? यह विचारणीय है, क्योंकि ऐसे highway न केवल सड़कें हैं, बल्कि प्रगति के पुल हैं। पाठकों को सोचना चाहिए कि कैसे स्थानीय भागीदारी से ऐसे प्रोजेक्ट्स को और सफल बनाया जा सकता है।

FAQs

Q.1: What is the upcoming expressway in Assam?
Ans: The upcoming expressway in Assam is the Umiam-Silchar Express Highway, a 166.80 km four-lane greenfield corridor connecting Mawlyngkhung near Shillong in Meghalaya to Panchgram near Silchar in Assam, with 22 km in Assam.

Q.2: What is 4-lane highway in Assam?
Ans: The 4-lane highway in Assam refers to the Umiam-Silchar Express Highway, which is a four-lane access-controlled greenfield project spanning 22 km in Assam as part of the larger 166.80 km corridor.

Q.3: Which national highway connects Guwahati to Silchar?
Ans: National Highway 27 (NH-27) connects Guwahati to Silchar, spanning through Assam and covering key towns like Nagaon, Lumding, and Haflong, ending at Silchar.

Q.4: असम में आने वाला एक्सप्रेसवे क्या है?
Ans: असम में आने वाला एक्सप्रेसवे उमियम-सिलचर एक्सप्रेस हाईवे है, जो 166.80 किलोमीटर लंबा फोर-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है और असम में 22 किलोमीटर का हिस्सा है।

Q.5: गुवाहाटी को सिलचर से कौन सा राष्ट्रीय राजमार्ग जोड़ता है?
Ans: गुवाहाटी को सिलचर से राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (NH-27) जोड़ता है, जो असम से गुजरते हुए नागांव, लुमडिंग और हाफलांग जैसे शहरों से होता हुआ सिलचर पहुंचता है।

Q.6: क्या NH 24 अब NH 9 है?
Ans: हां, पुराना NH 24 अब NH 9 का हिस्सा है, जो दिल्ली से मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ तक जाता है, और 2010 में राष्ट्रीय राजमार्गों की रीनंबरिंग में यह बदलाव किया गया।

Q.7: क्या NH 34 अब NH 12 है?
Ans: हां, पुराना NH 34 अब NH 12 है, जो पश्चिम बंगाल में दलखोला से बक्खाली तक जाता है, और 2010 की रीनंबरिंग में इसे NH 117 के साथ जोड़ा गया।

Q.8: क्या NH 7 और NH 44 एक ही है?
Ans: नहीं, NH 7 और NH 44 अलग हैं; NH 44 भारत का सबसे लंबा राजमार्ग है जो श्रीनगर से कन्याकुमारी तक जाता है और इसमें पुराना NH 7 का हिस्सा शामिल है, जबकि अब NH 7 फाजिल्का से माना तक है।

Q.9: NH 45 कहां से शुरू और खत्म होता है?
Ans: NH 45 मध्य प्रदेश के ओबैदुल्लागंज से शुरू होता है और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पर खत्म होता है, कुल 652 किलोमीटर लंबा है।

Q.10: What is the cost of the Umiam-Silchar Expressway?
Ans: The cost of the Umiam-Silchar Expressway is Rs 22,864 crore, approved by the Union Cabinet for development under the Hybrid Annuity Mode.

Q.11: इस एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी है?
Ans: इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 166.80 किलोमीटर है, जिसमें मेघालय में 144.80 किलोमीटर और असम में 22 किलोमीटर शामिल है।

Q.12: How will this highway benefit the Northeast?
Ans: This highway will reduce travel time between Guwahati and Silchar, boost connectivity to Tripura, Mizoram, Manipur, and Barak Valley, and promote tourism and local industries like cement and coal in Meghalaya.

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Pawan Sharma

About the Author – Mr. Pawan Sharma Mr. Pawan Sharma is a seasoned professional in the field of construction and urban infrastructure, with over 10 years of hands-on experience in planning, designing, and executing various construction projects across India. His expertise spans highways, expressways, metro systems, railways, ropeways, smart city development, and practical engineering solutions. Education and Professional Background Mr. Sharma holds a Master’s degree in Construction Work, providing him with a strong technical foundation and deep understanding of modern construction methods. Over the years, he has contributed to multiple high-profile infrastructure projects, ensuring quality, safety, and timely execution. His academic and professional experience allows him to analyze projects from both technical and practical perspectives, making complex infrastructure information easy to understand for readers. Contribution to urboncunstuctions.co.in As the founder and lead author of urboncunstuctions.co.in, Mr. Sharma is dedicated to creating highly realistic content and practical tools to support engineers, contractors, students, and construction enthusiasts. He designs user-friendly engineering calculators, estimation tools, and project guides that help professionals reduce errors, save time, and make informed decisions on-site. His mission is to bridge the gap between technical knowledge and practical application, providing readers with clear, actionable, and trustworthy information about India’s urban construction and infrastructure developments. Philosophy Mr. Sharma believes that accurate information and practical tools empower engineers and construction professionals to perform better and contribute to India’s infrastructure growth. Through urboncunstuctions.co.in, he aims to make infrastructure updates and engineering solutions accessible, understandable, and reliable for all readers.

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