एनएचएआई फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स इन इंडिया 2025: नवीनतम अपडेट और सूची, लागत लगभग 3,45,466 करोड़ रुपये.

By Pawan Sharma

Published On:

Follow Us
NHAI Flyover Projects in India 2025


NHAI Flyover Projects in India 2025: भाईयो और बहनों, आज 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को देखिए कैसे भारत की तेज रफ्तार वाली अर्थव्यवस्था में Infrastructure का विकास हमारी जिंदगी को आसान बना रहा है। शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए एनएचएआई के Flyover और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स कमाल कर रहे हैं, जिससे रोजाना की यात्रा का समय बचता है और सड़क हादसे कम हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में तो ये परियोजनाएं हमारे गांवों को शहरों से जोड़ रही हैं, जैसे गढ़मुक्तेश्वर से मेरठ तक का कनेक्टर या अयोध्या-गोरखपुर पर वीयूपी और फ्लाईओवर, जो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोल रहे हैं। कुल मिलाकर, ये 124 प्रोजेक्ट्स के साथ 6,376 किलोमीटर की लंबाई और 3,45,466 करोड़ रुपये की लागत से देश को आगे ले जा रहे हैं, और हम यूपी वाले तो इसका फायदा सीधे उठा रहे हैं।

एनएचएआई की ताजा रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऐसे Project की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर बाढ़ वाले इलाकों में एलिवेटेड स्ट्रक्चर्स को प्राथमिकता देकर। ये फ्लाईओवर न सिर्फ यातायात को सुचारू बनाते हैं बल्कि पर्यावरण को भी बचाते हैं, जैसे असम में काजीरंगा का एलिवेटेड स्ट्रेच या यूपी में जौनपुर का वेस्टर्न बाइपास। हमारे उत्तर प्रदेश में घाज़ीपुर-जमानिया पैकेज जैसे प्रोजेक्ट्स स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, जहां हजारों नौकरियां पैदा हो रही हैं और गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। कुल मिलाकर, ये प्रयास हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को और आसान बनाने वाले हैं, और हमें सोचना चाहिए कि कैसे हम इसमें अपना योगदान दे सकते हैं।

एनएचएआई की 2025-26 की महत्वाकांक्षी योजनाएं

भाईयो और बहनों, आज 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को एनएचएआई की 2025-26 की महत्वाकांक्षी योजनाओं की बात करें तो दिल खुश हो जाता है। एनएचएआई ने कुल 124 बड़े Project प्लान किए हैं, जो 6,376 किलोमीटर लंबे होंगे और इनकी कुल लागत करीब 3,45,466 करोड़ रुपये है। ये प्रोजेक्ट्स HAM और EPC मोड में बनाए जा रहे हैं, जिसमें निजी कंपनियां भी साथ दे रही हैं, जिससे काम तेजी से हो रहा है। तमिलनाडु से असम तक फैले ये हाईवे और एक्सप्रेसवे हमारे देश की Infrastructure को मजबूत बनाएंगे, ट्रैफिक कम करेंगे और व्यापार को नई रफ्तार देंगे। यूपी वाले तो जानते हैं कि अच्छी सड़कें कितनी जरूरी हैं, ये योजनाएं हमारी रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाने वाली हैं।

इनमें खास ध्यान Elevated Corridor पर है, जैसे बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे का 6 लेन वाला एलिवेटेड हिस्सा, जो चेन्नई तक कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट बनाएगा। महाराष्ट्र के कोल्हापुर और असम के काजीरंगा जैसे बाढ़ वाले इलाकों में विशेष Flyover और एलिवेटेड स्ट्रक्चर बन रहे हैं, जो बरसात में भी सुरक्षित यात्रा देंगे और लंबे समय तक टिकेंगे। ये प्रोजेक्ट्स न सिर्फ सरकारी Investment का सही इस्तेमाल करेंगे बल्कि हजारों नौकरियां भी पैदा करेंगे। सोचिए, हमारे यूपी से लेकर पूरे देश में ऐसी सड़कें बनेंगी तो कितना विकास होगा – हमें गर्व होना चाहिए और इनका समर्थन करना चाहिए।

उत्तर प्रदेश में एनएचएआई के नए फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स

उत्तर प्रदेश में एनएचएआई के नए Flyover प्रोजेक्ट्स की बात करें तो बहुत अच्छी खबरें हैं। हमारे यूपी में गढ़मुक्तेश्वर से मेरठ तक का नया कनेक्टर, घाजीपुर-जमानिया पैकेज और अयोध्या-गोरखपुर सेक्शन पर VUP व फ्लाईओवर बन रहे हैं, जो ट्रैफिक जाम को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। ये प्रोजेक्ट्स हजारों करोड़ की लागत से स्थानीय विकास को रफ्तार देंगे, गांवों से शहरों तक आसान पहुंच बनाएंगे और सड़क हादसे कम करेंगे। जौनपुर का वेस्टर्न बाइपास और बाराबंकी से मुस्तफाबाद तक का रूट हमारी अर्थव्यवस्था को जोड़ेगा, जहां ROB जैसी संरचनाएं ग्रामीण इलाकों के लिए वरदान साबित होंगी।

ये सारे काम EPC मोड में हो रहे हैं, जिससे समय पर पूरा होने का भरोसा ज्यादा है और क्वालिटी भी अच्छी रहेगी। एनएचएआई की 2025-26 की लिस्ट में यूपी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जैसे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जो जुलाई 2025 तक पूरा हो जाएगा। ये प्रयास उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख Transport हब बनाएंगे, जहां रोजगार बढ़ेगा और व्यापार फलेगा। सोचिए, हमारे बच्चों की यात्रा कितनी सुरक्षित और तेज हो जाएगी – हमें इनका स्वागत करना चाहिए और सपोर्ट करना चाहिए।

फ्लाईओवर निर्माण की लागत और चुनौतियां

भाईयो और बहनों, आज 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को फ्लाईओवर बनाने की Cost और चुनौतियों की बात करें तो समझ आता है कि ये काम कितना बड़ा और जटिल है। एक किलोमीटर फ्लाईओवर की औसत लागत 100 से 200 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है, जैसे चेन्नई का टेनामपेट-सैदापेट प्रोजेक्ट जहां प्रति किमी 195 करोड़ खर्च हो रहा है। शहरी इलाकों में जमीन अधिग्रहण और बिजली-पानी की लाइनों को शिफ्ट करने से खर्च और बढ़ जाता है, जबकि यूपी जैसे राज्यों में एनएचएआई के प्रोजेक्ट्स में Quality पर जोर देकर लंबे समय तक टिकाऊ सड़कें बनाई जा रही हैं। सोचिए, हमारे लखनऊ या गाजियाबाद में ऐसे फ्लाईओवर बनें तो जाम से कितनी राहत मिलेगी, लेकिन पैसा सही जगह लगे ये जरूरी है।

निर्माण के दौरान पर्यावरण को नुकसान, स्थानीय लोगों का विरोध और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी Challenges बहुत आती हैं, लेकिन एनएचएआई अब नेशनल टेस्ट हाउस के साथ नया समझौता करके थर्ड-पार्टी टेस्टिंग करवा रहा है। इससे सामग्री की गुणवत्ता चेक होगी और भ्रष्टाचार रुकेगा, जैसे स्टील-सीमेंट की जांच में। यूपी में चल रहे प्रोजेक्ट्स में देरी और एनक्रोचमेंट की समस्या भी है, लेकिन ये चुनौतियां हमें बेहतर प्लानिंग सिखाती हैं। कुल मिलाकर, ये मुश्किलें विकास की राह में रुकावट नहीं बल्कि मजबूत Infrastructure बनाने का मौका हैं – हमें सपोर्ट करना चाहिए ताकि हमारे बच्चों को अच्छी सड़कें मिलें।

Tentative List of projects costing more than Rs. 500 Cr. likely to be taken up by NHAI in FY 2025-26

भविष्य की संभावनाएं और एनएचएआई का प्रभाव

एनएचएआई के प्रोजेक्ट्स भविष्य में देश की connectivity को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। असम में काजीरंगा और एलजीबीआई एयरपोर्ट जैसे elevated corridor पर्यटन को बढ़ावा देंगे। ये प्रोजेक्ट्स रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में योगदान देंगे। महाराष्ट्र में सोलापुर और कोल्हापुर के फ्लाईओवर बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों को राहत प्रदान करेंगे।

ये योजनाएं sustainable development पर आधारित हैं, जहां पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। एनएचएआई की साझेदारी राष्ट्रीय टेस्ट हाउस के साथ quality assurance को मजबूत करेगी। ये प्रयास भारत को विश्व स्तर पर infrastructure leader बनाने में मदद करेंगे। कुल मिलाकर, ये प्रोजेक्ट्स एक विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

निष्कर्ष

एनएचएआई के flyover projects भारत के परिवहन क्षेत्र को बदल रहे हैं, जहां infrastructure विकास तेजी से हो रहा है। 2025-26 की योजनाएं देश को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी और आर्थिक प्रगति को गति देंगी। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ये प्रोजेक्ट्स स्थानीय स्तर पर बदलाव लाएंगे। क्या ये प्रयास ट्रैफिक समस्याओं का स्थायी समाधान साबित होंगे, यह समय बताएगा, लेकिन दिशा सही है।

ये प्रोजेक्ट्स budget और technology के सही उपयोग से सफल होंगे, लेकिन सार्वजनिक भागीदारी आवश्यक है। पाठक सोचें कि कैसे वे इन विकास कार्यों में योगदान दे सकते हैं। अंत में, एनएचएआई की ये पहल एक मजबूत और जुड़े हुए भारत का निर्माण कर रही हैं।

FAQs


Q.1: List of flyover projects in india
Ans: भारत में कई प्रमुख फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स हैं, जैसे बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे पर 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, सोलापुर में 4 लेन फ्लाईओवर, कोल्हापुर में 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, काजीरंगा में 4 लेन एलिवेटेड स्ट्रेच, और असम में एलजीबीआई एयरपोर्ट से जलुकबारी तक 6 लेन कॉरिडोर। ये एनएचएआई की 2025-26 की योजनाओं का हिस्सा हैं।

Q.2: Flyover projects in india pdf
Ans: भारत में फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स की सूची एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। आप https://nhai.gov.in/nhai/sites/default/files/mix_file/Projects.pdf से डाउनलोड कर सकते हैं, जिसमें 2025-26 के टेंटेटिव प्रोजेक्ट्स की डिटेल्स हैं।

Q.3: NHAI Projects awarded in 2025 list
Ans: 2025 में एनएचएआई ने कई प्रोजेक्ट्स अवार्ड किए हैं, जैसे विभिन्न राज्यों में हाईवे एक्सपैंशन। पूरी लिस्ट के लिए एनएचएआई की वेबसाइट या https://www.scribd.com/document/819997478/Civil-of-Project-award-till-the-date-jan25 देखें, जिसमें जनवरी 2025 तक की डिटेल्स हैं।

Q.4: NHAI Projects awarded in 2025 List PDF Download
Ans: 2025 में अवार्डेड प्रोजेक्ट्स की पीडीएफ लिस्ट एनएचएआई साइट से डाउनलोड करें। वैकल्पिक रूप से, https://www.scribd.com/document/781441053/Project-awarded-in-FY-2024-25 से FY 2024-25 की लिस्ट प्राप्त करें।

Q.5: NHAI New projects in Uttar Pradesh
Ans: उत्तर प्रदेश में नए प्रोजेक्ट्स में गढ़मुक्तेश्वर से मेरठ कनेक्टर, गाजीपुर-जमानिया पैकेज I और II, जौनपुर वेस्टर्न बाइपास, अयोध्या-गोरखपुर पर VUP/फ्लाईओवर शामिल हैं। ये 2025-26 के टेंटेटिव प्लान का हिस्सा हैं।

Q.6: Ongoing NHAI projects in India
Ans: एनएचएआई के ऑन्गोइंग प्रोजेक्ट्स में विभिन्न हाईवे एक्सपैंशन और फ्लाईओवर शामिल हैं। पूरी जानकारी के लिए https://datalakeg.nhai.gov.in/nhai/mISC/DataLakeGISDashboard देखें, जहां नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स अंडर एक्जीक्यूशन की मैपिंग है।

Q.7: NHAI Projects list PDF
Ans: एनएचएआई प्रोजेक्ट्स की लिस्ट पीडीएफ में उपलब्ध है। 2025-26 के टेंटेटिव प्रोजेक्ट्स के लिए https://nhai.gov.in/nhai/sites/default/files/mix_file/Projects.pdf डाउनलोड करें।

Q.8: Latest news on NHAI projects
Ans: एनएचएआई ने हाल ही में नेशनल टेस्ट हाउस के साथ MoU साइन किया है, ताकि हाईवे प्रोजेक्ट्स में क्वालिटी असुरेंस मजबूत हो। अधिक न्यूज के लिए इकोनॉमिक टाइम्स या पीआईबी देखें।

Q.9: Which city has the most flyovers in India?
Ans: भारत में सबसे ज्यादा फ्लाईओवर सूरत शहर में हैं, जहां 125 से अधिक फ्लाईओवर हैं। इसे “City of Flyovers” कहा जाता है।

Q.10: How much does a 1 km flyover cost?
Ans: एक किलोमीटर फ्लाईओवर की औसत लागत 40 से 100 करोड़ रुपये तक हो सकती है, जो स्थान, डिजाइन और जटिलता पर निर्भर करती है। शहरी क्षेत्रों में यह अधिक हो सकती है।

Q.11: What are the upcoming projects of NHAI?
Ans: एनएचएआई के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में 2025-26 के 124 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जैसे विभिन्न एलिवेटेड कॉरिडोर और हाईवे एक्सपैंशन, कुल 6,376 किमी लंबाई के।

Q.12: भारत में सबसे ज्यादा फ्लाईओवर किस शहर में है?
Ans: भारत में सबसे ज्यादा फ्लाईओवर सूरत में हैं, जहां 125 से अधिक हैं। इसे फ्लाईओवरों का शहर कहा जाता है।

इसे भी पढ़ें:-

शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे: 2026 में शाहजहांपुर के पुवायां से गुजरेगा, DPR पूरा, जानिए रूट मैप और अपडेट

Pawan Sharma

About the Author – Mr. Pawan Sharma Mr. Pawan Sharma is a seasoned professional in the field of construction and urban infrastructure, with over 10 years of hands-on experience in planning, designing, and executing various construction projects across India. His expertise spans highways, expressways, metro systems, railways, ropeways, smart city development, and practical engineering solutions. Education and Professional Background Mr. Sharma holds a Master’s degree in Construction Work, providing him with a strong technical foundation and deep understanding of modern construction methods. Over the years, he has contributed to multiple high-profile infrastructure projects, ensuring quality, safety, and timely execution. His academic and professional experience allows him to analyze projects from both technical and practical perspectives, making complex infrastructure information easy to understand for readers. Contribution to urboncunstuctions.co.in As the founder and lead author of urboncunstuctions.co.in, Mr. Sharma is dedicated to creating highly realistic content and practical tools to support engineers, contractors, students, and construction enthusiasts. He designs user-friendly engineering calculators, estimation tools, and project guides that help professionals reduce errors, save time, and make informed decisions on-site. His mission is to bridge the gap between technical knowledge and practical application, providing readers with clear, actionable, and trustworthy information about India’s urban construction and infrastructure developments. Philosophy Mr. Sharma believes that accurate information and practical tools empower engineers and construction professionals to perform better and contribute to India’s infrastructure growth. Through urboncunstuctions.co.in, he aims to make infrastructure updates and engineering solutions accessible, understandable, and reliable for all readers.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment