Shamli Gorakhpur Expressway:- भाईयो और बहनों, आज 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को हम बात कर रहे हैं उस Expressway Project की जो उत्तर प्रदेश के कोने-कोने को जोड़कर हमारी जिंदगी आसान बनाने वाला है। शामली से शुरू होकर गोरखपुर तक फैला ये 750 किलोमीटर लंबा राजमार्ग 22 जिलों से गुजरेगा, जैसे शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर का पुवायां इलाका, हरदोई, लखनऊ, सीतापुर, बहराइच और बालरामपुर वगैरह। ये छह लेन वाला हाईवे नेपाल की सीमा के पास जाकर खत्म होगा, और भारतमाला योजना के तहत बन रहा है, जिससे हमारे गांव-शहरों की दूरी कम हो जाएगी। सच में, ये हमारे यूपी को दिल्ली, देहरादून, लखनऊ जैसी जगहों से और करीब लाएगा, जैसे घर के लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं।
अब अपडेट की बात करें तो डीपीआर पूरा हो चुका है, और एनएचएआई इसे 35 हजार करोड़ की लागत से बना रही है, निर्माण दिसंबर 2024 से शुरू होकर तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है। ये Connectivity Boost से गंगा एक्सप्रेसवे जैसे अन्य मार्गों से जुड़ेगा, जिससे परिवहन तेज होगा और व्यापार बढ़ेगा। हमारी यूपी की Economic Development को नई रफ्तार मिलेगी, नौकरियां आएंगी, किसानों को बाजार मिलेगा और पर्यटन भी फलेगा-फूलेगा। भइया, ये प्रोजेक्ट हम जैसे आम आदमियों के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि यात्रा का समय कम होगा और विकास की लहर हर घर तक पहुंचेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और योजना
भाईयो और बहनों, हमारे उत्तर प्रदेश में विकास की नई लहर आने वाली है, वो भी Greenfield Expressway के रूप में जो शामली से गोरखपुर तक फैला होगा। ये 750 किलोमीटर लंबा सिक्स-लेन वाला रोड, जो करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनेगा, अब Detailed Project Report पूरा हो चुका है और ड्रोन सर्वे के बाद Land Acquisition की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले फेज में शामली से शाहजहांपुर के पुवायां तक 450 किमी का काम चलेगा, जबकि दूसरे में पुवायां से गोरखपुर तक 300 किमी, जो कुल 22 जिलों और 37 तहसीलों को छुएगा। ये एक्सप्रेसवे दिल्ली-देहरादून, लखनऊ और नेपाल बॉर्डर को जोड़ेगा, साथ ही गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लिंक होगा, जिससे हमारे इलाकों में रोजगार और व्यापार की नई राहें खुलेंगी।
अरे वाह, सोचो तो सही, ये प्रोजेक्ट कितना कमाल का है जो ब्रिज, ओवरब्रिज और फ्लाईओवर से भरपूर होगा, ताकि ट्रैफिक सुचारू चले और जाम की झंझट खत्म हो। पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है, सोलर पावर से पूरी एनर्जी चलेगी, जो हमारे गांवों की हरियाली को बचाएगा। यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे हो जाएगा, मतलब शामली से गोरखपुर पहुंचना अब आसान सपना नहीं रहेगा। कुल मिलाकर, ये एक्सप्रेसवे यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, लोकल बिजनेस बढ़ाएगा और हम सबके जीवन को बेहतर बनाएगा, जैसे अपना घर का कोई सदस्य हमें आगे ले जा रहा हो।
शाहजहांपुर जिले पर Greenfield Expressway का प्रभाव
भाईयो और बहनों, शाहजहांपुर जिले के लिए Greenfield Expressway सच में वरदान बनकर आ रहा है, खासकर पुवायां तहसील से गुजरने वाला ये शामली-गोरखपुर रूट। अभी दिसंबर 2025 में Detailed Project Report पूरा हो चुका है और पुवायां में सर्वे पॉइंट्स बनाए जा रहे हैं, जिससे Land Acquisition की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। पीलीभीत से आकर ये एक्सप्रेसवे डिमरी डिमरिया, भगौतीपुर सुहेला और कैथ बहेड़ा जैसे गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे हमारे जिले की कनेक्टिविटी बरेली, लखनऊ और गोरखपुर तक सीधी हो जाएगी। इससे स्थानीय इलाकों में नई इंडस्ट्री और मार्केट आएंगे, गांवों की तस्वीर बदलेगी और विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी।
अरे, पुवायां तो कृषि का हब है भाई, यहां के आलू, अनाज और दूसरी फसलों का ट्रांसपोर्ट अब कितना आसान हो जाएगा, ट्रक सीधे बड़े बाजारों तक पहुंचेंगे। किसान भाइयों और ट्रेडर्स को नई मार्केट मिलेगी, आय बढ़ेगी और रोजगार के ढेरों मौके खुलेंगे, जैसे निर्माण में लोकल मजदूरी से लेकर नए बिजनेस तक। सिख समुदाय के हमारे भाइयों को पंजाब-हरियाणा जाना आसान हो जाएगा, जबकि पूरे जिले की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी क्योंकि ये एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल से जुड़ेगा। कुल मिलाकर, शाहजहांपुर अब यूपी के विकास के नक्शे पर और चमकेगा, जैसे अपना कोई सपना सच हो रहा हो।
निर्माण कार्य की प्रगति और समयसीमा
भाईयो और बहनों, हमारे यूपी के इस Greenfield Expressway की प्रगति अब रफ्तार पकड़ चुकी है, शामली से गोरखपुर तक का ये प्रोजेक्ट सच में गेम चेंजर बनेगा। दिसंबर 2025 तक Detailed Project Report पूरी तरह तैयार हो चुका है, ड्रोन सर्वे खत्म होने के बाद अब कंट्रोल पॉइंट्स और सर्वे पॉइंट्स लगाए जा रहे हैं। Land Acquisition की प्रक्रिया शुरू हो गई है, एनएचएआई ने तीन फेज में गजट नोटिफिकेशन जारी करने के निर्देश दिए हैं, पहला फेज जनवरी 2026 तक पूरा होगा। निर्माण कार्य 2026 से शुरू होने की पूरी उम्मीद है, और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से ये समय पर चलेगा, जिससे हमारे इलाकों में जल्दी विकास आएगा।
अरे, सबसे अच्छी बात ये कि धारा 3ए के तहत जमीन अधिग्रहण में किसान भाइयों को उचित मुआवजा मिलेगा, और किसी आपत्ति के लिए 15 दिनों का समय दिया जाएगा। पूरा निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है, मतलब 2028-29 तक ये एक्सप्रेसवे चलने लगेगा, एनएचएआई के अधिकारी इसकी पुष्टि कर चुके हैं। इससे यात्रा का समय आधा हो जाएगा, व्यापार बढ़ेगा और रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे। कुल मिलाकर, ये प्रोजेक्ट यूपी के लोगों के लिए समय पर लाभ लेकर आएगा, जैसे अपना कोई बड़ा सपना हकीकत बन रहा हो।
लाभ और भविष्य की संभावनाएं
भाईयो और बहनों, ये Greenfield Expressway शामली से गोरखपुर तक पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी से सीधा जोड़ेगा, जिससे यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा। लखनऊ, अयोध्या, बरेली, मेरठ जैसे शहरों तक पहुंच आसान हो जाएगी, साथ ही Industrial Investment बढ़ेगा और हजारों नए रोजगार पैदा होंगे। हमारे किसान भाइयों की फसलें, जैसे आलू और अनाज, जल्दी बड़े बाजारों तक पहुंचेंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आय दोगुनी होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, ये सड़क हमारे गांवों-शहरों में नई जिंदगी भरेगी, जैसे अपना कोई सपना पूरा हो रहा हो।

अरे, सबसे मजेदार बात ये कि ये एक्सप्रेसवे गंगा, पूर्वांचल, दिल्ली-देहरादून जैसे पांच बड़े हाईवे से जुड़ेगा, कनेक्टिविटी का पूरा जाल बिछ जाएगा। इससे Tourism Boost मिलेगा, अयोध्या और गोरखपुर के धार्मिक स्थलों तक पर्यटक आसानी से आएंगे, जबकि व्यापार की रफ्तार तेज हो जाएगी। भविष्य में नेपाल बॉर्डर तक विस्तार की संभावना है, जो ट्रेड और रोजगार को और बढ़ाएगा। कुल मिलाकर, ये प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, हम सबके लिए गर्व की बात है भाई।
निष्कर्ष
शामली-गोरखपुर expressway उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा, जो पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों को एक सूत्र में बांधेगा। DPR पूरा होने से अब निर्माण की राह साफ है, और जल्द ही जमीन पर काम दिखाई देगा। यह न केवल यात्रा समय कम करेगा, बल्कि आर्थिक समृद्धि लाएगा। क्या यह परियोजना राज्य की कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर पर ले जाएगी? पाठकों को इस पर विचार करना चाहिए।
इस project से किसान, व्यापारी और आम नागरिक सभी लाभान्वित होंगे, लेकिन पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान रखना जरूरी है। Sustainable development की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है। अंत में, यह एक्सप्रेसवे यूपी की प्रगति की कहानी लिखेगा, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
FAQs
Q.1: Shamli gorakhpur expressway route map
Ans: शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे शामली के थाना भवन से शुरू होकर गोरखपुर तक जाता है, जो 22 जिलों से गुजरता है। मुख्य जिलों में शामली, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ, अयोध्या, बस्ती शामिल हैं। मानचित्र में यह 750 किमी का छह लेन मार्ग दिखाता है।
Q.2: Shamli gorakhpur expressway latest news
Ans: नवीनतम अपडेट के अनुसार, DPR 29 दिसंबर 2025 को पूरा हो चुका है। निर्माण 2026 में शुरू होने की संभावना है और तीन वर्षों में पूरा होगा। लागत 35 हजार करोड़ रुपये है।
Q.3: Gorakhpur Shamli Expressway Village List
Ans: शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र में गांवों की सूची में डिमरी डिमरिया, भगौतीपुर सुहेला, कैथ बहेड़ा, खिरिया, गुरसंडा रायपुर, बेलावाली, गुलौली, खुशालपुर, बालेमऊ, मरेना, दुबिया, नसुलिया, नहिलोरा बुजुर्ग, विक्रमपुर, खजुरिया, तितुरा, कुंवरपुर जप्ती, जुझारपुर, जारमानो, टकेली, बितौनी जमीने करनापुर, लखोहा, बसखेड़ा बुजुर्ग, पिपरी, बसही, जेवां, पुरेना, कटका, बनियानी, बेला शामिल हैं। अन्य जिलों की सूची DPR में उपलब्ध है।
Q.4: Shamli gorakhpur expressway dpr
Ans: DPR का मतलब Detailed Project Report है, जिसमें मार्ग, पुल, लागत और अन्य विवरण शामिल हैं। यह भारतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
Q.5: Shamli gorakhpur expressway route map pdf
Ans: रूट मैप PDF आधिकारिक वेबसाइटों जैसे NHAI या Invest UP पर उपलब्ध हो सकता है। एक उदाहरण PDF Scribd पर मिल सकता है: https://www.scribd.com/document/911754792/gorakhpur-shamli-expressway-route-map-680
Q.6: Gorakhpur Shamli Expressway DPR Status
Ans: DPR अब पूरा हो चुका है, जैसा कि 29 दिसंबर 2025 की खबरों में बताया गया है। अब भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
Q.7: Gorakhpur Shamli Expressway DPR PDF Free Download
Ans: DPR PDF अभी सार्वजनिक रूप से मुफ्त के लिए उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक NHAI वेबसाइट पर जांचें या RTI के माध्यम से प्राप्त करें।
Q.8: Shamli gorakhpur Expressway start date
Ans: निर्माण कार्य दिसंबर 2024 या 2026 से शुरू होने की संभावना है, और 2028 तक पूरा होगा।
Q.9: Shamli Gorakhpur Expressway cost
Ans: कुल अनुमानित लागत 35 हजार करोड़ रुपये है।
Q.10: Shamli Gorakhpur Expressway length
Ans: एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 750 किलोमीटर है।
Q.11: Shamli Gorakhpur Expressway districts
Ans: यह 22 जिलों से गुजरता है, जैसे शामली, सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, लखनऊ, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर आदि।
Q.12: Shamli Gorakhpur Expressway benefits
Ans: यात्रा समय 6 घंटे में, व्यापार बढ़ेगा, रोजगार सृजन, किसानों को लाभ, पांच अन्य एक्सप्रेसवे से जुड़ाव।
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